Quadratic Equations क्या हैं? Class 9 Maths Ex 4.1 हल

Quadratic Equations क्या हैं? Class 9 Maths Ex 4.1 हल

द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) क्या होता है?

गणित में द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) एक ऐसा बहुपद समीकरण होता है जिसमें चर (variable) की अधिकतम घात 2 होती है। यानी जिस समीकरण में सबसे बड़ी शक्ति हो, वह द्विघात समीकरण कहलाता है। NCERT Class 9 Maths के Chapter 4 में इसी विषय को विस्तार से समझाया गया है।

आज के डिजिटल शिक्षा के युग में, जहाँ लाखों छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, वहाँ द्विघात समीकरण जैसी बुनियादी अवधारणाओं को समझना बेहद ज़रूरी हो गया है।

द्विघात समीकरण का मानक रूप (Standard Form)

किसी भी द्विघात समीकरण का मानक रूप इस प्रकार होता है:

  • ax² + bx + c = 0
  • जहाँ a, b, और c वास्तविक संख्याएँ (constants) हैं।
  • और सबसे महत्वपूर्ण शर्त: a ≠ 0 (यानी x² का गुणांक शून्य नहीं होना चाहिए)।

अगर a = 0 हो जाए, तो समीकरण रैखिक (linear) बन जाएगा, द्विघात नहीं।

द्विघात समीकरण पहचानने का तरीका

किसी समीकरण को देखकर यह जाँचने के लिए कि वह द्विघात है या नहीं, निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  • चरण 1: समीकरण को सरल करें और सभी पद एक तरफ लाएँ।
  • चरण 2: देखें कि चर (x) की अधिकतम घात क्या है।
  • चरण 3: अगर अधिकतम घात 2 है और x² का गुणांक शून्य नहीं है, तो यह द्विघात समीकरण है
  • चरण 4: अगर x³ या उससे ऊँची घात है, या x हर (denominator) में है, तो यह द्विघात समीकरण नहीं है।

Exercise 4.1 — जाँचिए कि निम्नलिखित द्विघात समीकरण हैं या नहीं

(i) (x + 1)² = 2(x – 3)

हल: बायाँ पक्ष (LHS) को विस्तारित करें:

  • (x + 1)² = x² + 2x + 1
  • दायाँ पक्ष (RHS): 2(x – 3) = 2x – 6
  • अब: x² + 2x + 1 = 2x – 6
  • सभी पद बायीं ओर: x² + 2x + 1 – 2x + 6 = 0
  • सरल करने पर: x² + 7 = 0

यहाँ x² का गुणांक 1 है (≠ 0), और अधिकतम घात 2 है। अतः यह द्विघात समीकरण है।

(ii) x² – 2x = (–2)(3 – x)

हल:

  • RHS = –2(3 – x) = –6 + 2x
  • x² – 2x = –6 + 2x
  • x² – 2x – 2x + 6 = 0
  • x² – 4x + 6 = 0

x² का गुणांक 1 है (≠ 0)। अतः यह द्विघात समीकरण है।

(iii) (x – 2)(x + 1) = (x – 1)(x + 3)

हल:

  • LHS = x² + x – 2x – 2 = x² – x – 2
  • RHS = x² + 3x – x – 3 = x² + 2x – 3
  • x² – x – 2 = x² + 2x – 3
  • x² – x – 2 – x² – 2x + 3 = 0
  • –3x + 1 = 0

यहाँ x² का पद समाप्त हो गया। अधिकतम घात 1 है। अतः यह द्विघात समीकरण नहीं है।

(iv) (x – 3)(2x + 1) = x(x + 5)

हल:

  • LHS = 2x² + x – 6x – 3 = 2x² – 5x – 3
  • RHS = x² + 5x
  • 2x² – 5x – 3 – x² – 5x = 0
  • x² – 10x – 3 = 0

x² का गुणांक 1 है (≠ 0)। अतः यह द्विघात समीकरण है।

(v) (2x – 1)(x – 3) = (x + 5)(x – 1)

हल:

  • LHS = 2x² – 6x – x + 3 = 2x² – 7x + 3
  • RHS = x² – x + 5x – 5 = x² + 4x – 5
  • 2x² – 7x + 3 – x² – 4x + 5 = 0
  • x² – 11x + 8 = 0

x² का गुणांक 1 है (≠ 0)। अतः यह द्विघात समीकरण है।

(vi) x² + 3x + 1 = (x – 2)²

हल:

  • RHS = (x – 2)² = x² – 4x + 4
  • x² + 3x + 1 – x² + 4x – 4 = 0
  • 7x – 3 = 0

x² का पद समाप्त हो गया। अधिकतम घात 1 है। अतः यह द्विघात समीकरण नहीं है।

(vii) (x + 2)³ = 2x(x² – 1)

हल:

  • LHS = x³ + 6x² + 12x + 8
  • RHS = 2x³ – 2x
  • x³ + 6x² + 12x + 8 – 2x³ + 2x = 0
  • –x³ + 6x² + 14x + 8 = 0

यहाँ x³ का पद है। अधिकतम घात 3 है। अतः यह द्विघात समीकरण नहीं है।

(viii) x³ – 4x² – x + 1 = (x – 2)³

हल:

  • RHS = x³ – 6x² + 12x – 8
  • x³ – 4x² – x + 1 – x³ + 6x² – 12x + 8 = 0
  • 2x² – 13x + 9 = 0

x² का गुणांक 2 है (≠ 0)। अतः यह द्विघात समीकरण है।

महत्वपूर्ण बातें जो याद रखें 📌

  • द्विघात समीकरण में x की अधिकतम घात हमेशा 2 होनी चाहिए।
  • x² का गुणांक कभी शून्य नहीं होना चाहिए।
  • समीकरण को हमेशा पूरी तरह सरल करके फिर जाँचें।
  • x³ या उससे बड़ी घात होने पर समीकरण द्विघात नहीं होगा।
  • सरलीकरण के बाद अगर x² का पद खत्म हो जाए, तो वह रैखिक समीकरण बन जाता है।

निष्कर्ष

NCERT Class 9 Maths Exercise 4.1 में दिए गए प्रश्नों से यह स्पष्ट होता है कि द्विघात समीकरण की पहचान के लिए समीकरण को सरल करना और x की अधिकतम घात देखना सबसे ज़रूरी है। ऊपर दिए गए उदाहरणों में से (i), (ii), (iv), (v), और (viii) द्विघात समीकरण हैं, जबकि (iii), (vi), और (vii) द्विघात समीकरण नहीं हैं। इन अवधारणाओं को समझकर आप न केवल बोर्ड परीक्षा में बल्कि JEE, NTSE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

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