दरभंगा 2 करोड़ लूट: जेल से बनी साजिश, 12 गिरफ्तार, 44 लाख के जेवर बरामद

दरभंगा 2 करोड़ लूट: जेल से बनी साजिश, 12 गिरफ्तार, 44 लाख के जेवर बरामद

दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में प्रेम ज्वेलर्स से हुए 2 करोड़ रुपये के सोना-चांदी लूट कांड का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में एक महिला सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 44 लाख रुपये मूल्य के जेवरात व अन्य सामान बरामद किए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश की जड़ें दलसिंहसराय जेल तक पहुँचती हैं।

जेल के अंदर से बुनी गई लूट की साजिश

पुलिस जाँच में सामने आया कि इस लूट की पूरी योजना दलसिंहसराय जेल में बंद एक कैदी ने बाहर बैठे साथियों के साथ मिलकर तैयार की थी। जेल की चारदीवारी के भीतर से मोबाइल फोन के ज़रिए संपर्क बनाए रखा गया और पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। यह मामला बिहार की जेल प्रशासन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में बेगूसराय, मधुबनी और दरभंगा — तीन जिलों के अपराधी शामिल थे। अलग-अलग जिलों के बदमाशों को एक साथ जोड़कर इस वारदात को अंजाम देना इस गिरोह की सुनियोजित कार्यशैली को दर्शाता है।

कैसे हुई गिरफ्तारी, क्या मिला बरामद?

दरभंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई टीमें गठित कीं और तीनों जिलों में एक साथ छापेमारी की। इस अभियान में एक महिला समेत 12 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। बरामदगी में लगभग 44 लाख रुपये मूल्य का सोना, चांदी और अन्य कीमती सामान शामिल है।

  • कुल गिरफ्तार आरोपी: 12 (एक महिला सहित)
  • बरामद संपत्ति: लगभग 44 लाख रुपये के जेवरात
  • कुल लूट: 2 करोड़ रुपये का सोना-चांदी
  • साजिश का केंद्र: दलसिंहसराय जेल
  • शामिल जिले: बेगूसराय, मधुबनी, दरभंगा

दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया, “यह एक संगठित अपराध गिरोह था जो जेल के भीतर से संचालित हो रहा था। हमने तीन जिलों में एक साथ कार्रवाई कर सभी प्रमुख आरोपियों को दबोच लिया है। शेष बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है।”

प्रेम ज्वेलर्स लूट — क्या था पूरा मामला?

दरभंगा स्थित प्रेम ज्वेलर्स में कुछ समय पहले दिनदहाड़े हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोला था। दुकान से 2 करोड़ रुपये से अधिक का सोना-चांदी और जेवरात लूटकर फरार हो गए थे। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी और व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश था।

पुलिस ने शुरुआत में कई संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन असली सफलता तब मिली जब जेल कनेक्शन का सुराग हाथ लगा। इसके बाद जाँच की दिशा बदली और एक-एक कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने पूरे गिरोह को बेनकाब कर दिया।

आगे क्या होगा?

पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जेल से साजिश रचने वाले मुख्य सूत्रधार के खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जेल प्रशासन से भी जवाब माँगा जा सकता है कि आखिर जेल के भीतर मोबाइल फोन कैसे पहुँचा।

सवाल यह है कि जब जेल में बंद अपराधी भी बाहर से वारदातें करवा सकते हैं, तो आम नागरिक कितना सुरक्षित है? बाकी लूटे गए सामान की बरामदगी अभी बाकी है और पुलिस पूछताछ जारी है।

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